मुक्केबाज़ी
भारतीय मुक्केबाजी का सच: सरकारी नौकरियों की मशीन, जो ओलंपिक पदक नहीं दे पाती
पेरिस का ज़ीरो: भारतीय मुक्केबाज़ी की सैलरी-स्लिप क्या बता रही है
शून्य के बाद: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली लड़ाई कैलेंडर, नौकरी की पर्ची और किलो के पैमाने पर है
वज़न बदला, नौकरी वही रही: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली वेट-कटौती
नया वर्ज़न, पुराना क्लाइंट: भारतीय मुक्केबाज़ी की रूलबुक बदली और बिल पेरिस में आया
छह मुक्केबाज़, शून्य तमगा: पेरिस में शर्तें किसने तय कीं
शून्य के बाद: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली लड़ाई कैलेंडर, नौकरी की पर्ची और किलो के पैमाने पर हैपेरिस ओलंपिक में भारत के छह मुक्केबाज़ गए थे। लौटे छह, पदक शून्य। उन छह में स...
वज़न बदला, नौकरी वही रही: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली वेट-कटौतीअगस्त 2026 की एक दोपहर, राज्य पुलिस की एक जिम में एक मुक्केबाज़ तराज़ू से उतर...
नया वर्ज़न, पुराना क्लाइंट: भारतीय मुक्केबाज़ी की रूलबुक बदली और बिल पेरिस में आयाअगस्त 2026 की एक रात, बेंगलुरु के फ्लैट में सवा एक बजे, मैंने निशांत देव का 7...
छह मुक्केबाज़, शून्य तमगा: पेरिस में शर्तें किसने तय कींपेरिस के नॉर्थ पेरिस एरिना में 71 किलो का क्वार्टर फाइनल चल रहा था। दूसरी राउ...
भारतीय मुक्केबाजी का सच: सरकारी नौकरियों की मशीन, जो ओलंपिक पदक नहीं दे पातीपेरिस के नॉर्थ पेरिस एरिना में तीसरे राउंड की घंटी बजी, और लवलीना बोरगोहेन ने...
भारतीय मुक्केबाज़ी का बहीखाता: पदक, नौकरी और वो राइट्स फीस जो कभी बनी ही नहींटोक्यो 2026 में मुक्केबाज़ी का टूर्नामेंट खाली हॉल में चला। गेट रेवेन्यू शून्...
छह मुक्केबाज़, शून्य तमगे: भारत की असली हार पेरिस की रिंग में नहीं, पटियाला के पेरोल में हुईनॉर्थ पेरिस एरिना में उस शाम मेरे हाथ में स्कोरशीट थी और मेरे पास कोई बहाना...
पेरिस 2026 की ऑटोप्सी: भारतीय मुक्केबाज़ी हारी नहीं, उस वेट-क्लास नक्शे में खो गई जो किसी ने छापा ही नहींअगस्त 2026 की उस शाम नॉर्थ पेरिस एरिना में भारत का आखिरी मुक्का क्वार्टर फाइन...
पेरिस का ज़ीरो: भारतीय मुक्केबाज़ी की सैलरी-स्लिप क्या बता रही हैपेरिस के नॉर्थ एरिना में पुरुषों के 71 किलो क्वार्टर फाइनल की तीसरी राउंड खत्...
नई सीढ़ी, पुरानी आदतें: भारतीय मुक्केबाज़ी का पेरिस-सबक़ और अगला राउंडमैंने पेरिस ओलंपिक के महिला 75 किग्रा क्वार्टर फ़ाइनल की चार सेकंड की क्लिप न...
वज़न बदला, नौकरी वही रही: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली वेट-कटौतीअगस्त 2026 की एक दोपहर, राज्य पुलिस की एक जिम में एक मुक्केबाज़ तराज़ू से उतर...
नया वर्ज़न, पुराना क्लाइंट: भारतीय मुक्केबाज़ी की रूलबुक बदली और बिल पेरिस में आयाअगस्त 2026 की एक रात, बेंगलुरु के फ्लैट में सवा एक बजे, मैंने निशांत देव का 7...
छह मुक्केबाज़, शून्य तमगा: पेरिस में शर्तें किसने तय कींपेरिस के नॉर्थ पेरिस एरिना में 71 किलो का क्वार्टर फाइनल चल रहा था। दूसरी राउ...
भारतीय मुक्केबाजी का सच: सरकारी नौकरियों की मशीन, जो ओलंपिक पदक नहीं दे पातीपेरिस के नॉर्थ पेरिस एरिना में तीसरे राउंड की घंटी बजी, और लवलीना बोरगोहेन ने...
भारतीय मुक्केबाज़ी का बहीखाता: पदक, नौकरी और वो राइट्स फीस जो कभी बनी ही नहींटोक्यो 2026 में मुक्केबाज़ी का टूर्नामेंट खाली हॉल में चला। गेट रेवेन्यू शून्...
छह मुक्केबाज़, शून्य तमगे: भारत की असली हार पेरिस की रिंग में नहीं, पटियाला के पेरोल में हुईनॉर्थ पेरिस एरिना में उस शाम मेरे हाथ में स्कोरशीट थी और मेरे पास कोई बहाना...
पेरिस 2026 की ऑटोप्सी: भारतीय मुक्केबाज़ी हारी नहीं, उस वेट-क्लास नक्शे में खो गई जो किसी ने छापा ही नहींअगस्त 2026 की उस शाम नॉर्थ पेरिस एरिना में भारत का आखिरी मुक्का क्वार्टर फाइन...
पेरिस का ज़ीरो: भारतीय मुक्केबाज़ी की सैलरी-स्लिप क्या बता रही हैपेरिस के नॉर्थ एरिना में पुरुषों के 71 किलो क्वार्टर फाइनल की तीसरी राउंड खत्...
नई सीढ़ी, पुरानी आदतें: भारतीय मुक्केबाज़ी का पेरिस-सबक़ और अगला राउंडमैंने पेरिस ओलंपिक के महिला 75 किग्रा क्वार्टर फ़ाइनल की चार सेकंड की क्लिप न...
